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कोविड-19 महामारी के दौरान आयुर्वेद और यूनानी निवारक उपाय

कोविड-19 महामारी के दौरान आयुष मंत्रालय द्वारा जारी कोविड-19 के होम आइसोलेशन के रोगियों के
लिए आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सकों हेतु दिशानिर्देश और स्वयं देखभाल के लिए आयुर्वेद और यूनानी
निवारक उपाय

कोविड-19 महामारी के दौरान, कोविड-49 के होम आइसोलेशन के रोगियों के लिए आयुर्वेद और
यूनानी चिकित्सकों हेतु दिशानिर्देशों और स्वयं देखभाल के लिए. आयुर्वेद और यूनानी निवारक उपायों
को आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 26 अप्रैल 202। को जारी किया गया था।

कोविड-19 के होम आइसोलेशन के रोगियों के लिए ये दिशा-निर्देश और स्व-देखभाल के लिए
निवारक उपाय शास्त्रीय आयुर्वेद और यूनानी ग्रंथों, शोध अध्ययन के परिणामों, अंतरविषयक समिति की
रिपोर्ट और सिफारिशों पर आधारित हैं और जो उभरती कोविड-19 की स्थिति से निपटने में हमारी लड़ाई
को और मजबूत करेगी।

इन दिशानिर्देशों और ऐडवाइजरी को आयुष मंत्रालय द्वारा गठित अंतरविषयक आयुष अनुसंधान
और विकास कार्यदल के अंतर्गत अधिकार प्राप्त समिति द्वारा गहन परामर्श करके विकसित किया गया
था। इस मंत्रालय के कोविड-19 के अध्ययनों हेतु परियोजना निगरानी एकक, केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान
अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस), केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरयूएम), अखिल
भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) और राष्ट्रीय औषधि पादप बोर्ड (एनएमपीबी) ने ऐडवाइजरी और
दिशानिर्देशों को तैयार करने पर काम किया।

वर्तमान दिशानिर्देशों और स्वयं देखभाल के उपायों से आयुर्वेद और यूनानी चिकित्साभ्यासियों को
कोविड-19 के विभिन्‍न संक्रमणों से प्रभावित रोगियों के उपचार के संबंध में स्पष्ट मार्गदर्शन मिलता है।
इससे देश भर में महामारी के लिए आयुष आधारित प्रतिक्रियाओं में एकरूपता और निरंतरता आती है।
इससे राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों को इन समाधानों की योजना बनाने और उन्हें जमीनी स्तर पर
चलाई जा रही कोविड-19 की प्रबंधन गतिविधियों में शामिल करने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा,
ये उपाय और दिशानिर्देश कोविड-19 के प्रबंधन हेतु आयुष समाधानों को मुख्यधारा में लाने मैं योगदान
देते हैं, और ये जनता के लिए बेहद फायदेमंद होंगे क्योंकि ये समाधान आसानी से सुलभ हैं और
महामारी में आने वाली कठिनाइयों को कम करने में मदद करेंगे।

इनका उद्देश्य घर पर देखभाल के प्रभावी समाधानों और अनुशंसित आयुष अभ्यासों के बारे में
नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना है, उनकी रोगनिरोधक क्षमता बढ़ाने में उन्हें मदद देना है और होम
आइसोलेशन के दौरान कोविड-19 के रोगनिरोधी, अलक्षण और हलके लक्षण वाले मामलों के प्रबंधन हेतु
यूनानी चिकित्साध्यासियों के लिए मानक दिशानिर्देश देना है। आयुष मंत्रालय ने 29.0.2020 को एक
एडवाइजरी जारी की कोविड-19 से खुद को कैसे बचाएं और स्वस्थ कैसे रहें। इस संदर्भ में, आयुष
मंत्रालय ने ‘आयुष क्वाथ'(आयुर्वेद) जैसे तैयारशुदा नुस्खे के उपयोग को भी बढ़ावा दिया है जो चार हर्बल
अवयवों का एक साधारण मिश्रण है जो कई अन्य स्वास्थ्य लाभों के साथ-साथ भारत और भारत के
बाहर उनकी इम्यूनोमॉइयूलेटरी और एंटीवायरल गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं। मौसमी परिवर्तन
रोगियों के शरीर गठन को ध्यान में रखते हुए, यह सलाह दी गई है कि वासा (मालाबार नट), यब्टिमधु
(लिकोरिस रूट) और गुडची (गिलोय) को आवश्यकतानुसार क्वाथ में मिलाया जा सकता है।

कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण उत्पन्न मौजूदा जन-स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को ध्यान में
रखते हुए होम आइसोलेशन के दौरान कोविड-19 के रोगियों के प्रबंधन के लिए आयुर्वेद और यूनानी
चिकित्साभ्यासियों के लिए दिशानिर्देशों के बारे में जानकारी को प्रसारित करने की तत्काल आवश्यकता
है। कारगर साक्ष्यों पर आधारित आयुष-64, अश्वगंधा बटी आदि जैसे आयुर्वेद और यूनानी नुस्खों/उपायों
को होम आइसोलेशन के दौरान कोविड-19 के अल्रक्षण और हलके लक्षण वाले मामलों के प्रबंधन में
शामिल किया गया है।

ये दिशानिर्देश आयुष मंत्रालय की वेबसाइट पर अलग-अलग दस्तावेजों के रूप में उपलब्ध हैं।
इसके अलावा, आशा है कि अन्य आयुष पद्धतियों पर आधारित इसी तरह के दिशा-निर्देश शीघ्र ही जारी
किए जाएंगे।

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